अक्षम वाहनों के लिए स्क्रैप पॉलिसी शुरू

अक्षम वाहनों के लिए स्क्रैप पॉलिसी शुरू

(Scrap policy started for Unfit vehicles)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई स्क्रैपिंग पॉलिसी (New Scrapping Policy) को लॉन्च किया है।

क्या है स्क्रैप पॉलिसी? (What is Scrap Policy?)

इस नई स्क्रैप पॉलिसी के तहत 15 और 20 साल पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप (कबाड़) कर दिया जाएगा। निजी गाड़ी जहां 20 साल बाद कबाड़ घोषित हो सकेगी वहीं कमर्शियल गाड़ी के लिए यह समय सीमा 15 साल है।

नई स्क्रैपिंग पॉलिसी क्यों जरुरी है? (Why New Scraping Policy is Necessary?)
एक आंकड़े के मुताबिक, पुरानी कार चलाने पर एक व्यक्ति को हर साल 30 से 40 हजार तो एक ट्रक मालिक को सालाना, दो से तीन लाख रुपये का नुकसान होता है। स्क्रैपिंग पॉलिसी से यह आर्थिक नुकसान कम होगा। देश में फिलहाल 50-60 ..लाख पुराने वाहन रजिस्टर्ड हैं। कुछ पहले ही स्क्रैप्ड हो चुके हैं। स्क्रैपिंग पॉलिसी से अलगे चार साल में सिर्फ 15 से 20 लाख नए वाहनों की ही सेल होगी। इसमें ऑटो इंडस्ट्री को बड़े लाभ के तौर पर नहीं देखता।

खतरनाक हैं पुरानी गाड़ियां (Old vehicles are dangerous)
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव के अनुसार 15 से 20 साल पुराने वाहनों में सीट बेल्ट और एयरबैग आदि नहीं होते जिससे ऐसे वाहनों में सफर जानलेवा होता है। नए वाहनों में कहीं ज्यादा सुरक्षा मानकों का पालन होता है। नए वाहनों से होने वाले एक्सीडेंट में हेड इंजरीज की दर भी कम है।

नई स्क्रैपिंग पॉलिसी : महत्वपूर्ण तथ्य (New Scrapping Policy : Important Facts)

1. नई स्क्रैपिंग पॉलिसी के तहत वाहन का पंजीकरण खत्म होते ही वाहन को अनिवार्य फिटनेस टेस्ट से गुजरना होगा।

2. इस नीति के अनुसार व्यक्तिगत या निजी वाहनों का 20 साल में और वाणिज्यिक वाहनों का 15 साल में फिटनेस टेस्ट होगा। 

3. यदि कोई वाहन फिटनेस टेस्ट पास करने में नाकाम रहता है, तो उसे ‘वाहन के जीवन का अंत’ माना जाएगा।

4. वाहन मालिकों को फिटनेस परीक्षण करने और पंजीकरण को नवीनीकृत करने के बजाय ‘वाहनों के जीवन के अंत में’ वाहनों को स्क्रैप करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। 

5. पुराने वाहनों को चलाने से लोगों को हतोत्साहित करने के लिए पुराने वाहनों के पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) के नवीनीकरण शुल्क (रिन्युअल फीस) को बढ़ाया जाएगा। 

6. स्क्रैपिंग को आसान बनाने के लिए पूरे देश में स्वचालित फिटनेस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। 

वाहन मालिकों के फायदे (Benefits of vehicle owners)

1. यदि वाहन मालिक पुराने वाहन को स्क्रैप करने का विकल्प चुनते हैं तो 4 से 6 फीसदी तक वाहन का एक स्क्रैप मूल्य वाहन मालिक को दिया जाएगा।

2. रोड टैक्स में 25 फीसदी तक की छूट दी जाएगी।

3. स्क्रैपिंग प्रमाणपत्र दिखाने पर वाहन निर्माताओं को नए वाहनों पर 5 फीसदी छूट देने की सलाह दी जाएगी।

इसलिए इस तरह से जो वाहन अपने जीवनचक्र के अंत में पहुंच चुके हैं, उन पुराने वाहनों पर 10-15 फीसदी तक के कुल फायदों का लाभ लिया जा सकता है। 2021-22 के केंद्रीय बजट में स्वैच्छिक वाहन स्क्रैपिंग नीति की घोषणा की गई थी।

ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्ट सेंटर (Automated Fitness Test Centres)

नई स्क्रैपिंग पॉलिसी के मुताबिक ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्ट की सुविधा पीपीपी मॉडल के आधार पर तैयार की जाएगी। इन टेस्ट सेंटर में ऑटोमैटिक टेस्ट होगा जो यह प्रमाणित करेगी कि कोई वाहन सड़क पर चलने के लिए फिट है या नहीं। 20 वर्ष से ज्यादा पुरानी पैसेंजर कारों और 15 वर्ष से अधिक पुराने वाणिज्यिक वाहनों के लिए भी ऐसे ही फिटनेस टेस्ट किए जाएंगे। यदि कोई भी वाहन इस ऑटोमैटिक टेस्ट को पास करने में नाकाम रहता है, तो उसे सड़कों से हटाना पड़ेगा या भारी जुर्माना भरना पड़ेगा।

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