असम में देहिंग पटकाई नया नेशनल पार्क (डेली करंट अफेयर्स -09.06.21)

 असम में देहिंग पटकाई नया नेशनल पार्क

  • असम सरकार ने रायमोना (Raimona) और देहिंग पटकाई (Dehing Patkai) को दो नए राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया है।
  • देहिंग पटकाई राष्ट्रीय उद्यान ऊपरी असम में स्थित है जबकि रायमोना बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र में स्थित है।
  • असम में राष्ट्रीय उद्यानों की कुल संख्या अब बढ़कर सात हो गई है। राष्ट्रीय उद्यानों की घोषणा के बाद, संरक्षण प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन क्षेत्र को भी लाभ होगा।
  • देहिंग पटकाई 47 स्तनपायी और 310 तितली प्रजातियों का पर्यावास है, जबकि रायमोना में 29 स्तनपायी प्रजातियां पायी जाती हैं।

अल साल्वाडोर-डिजिटल मुद्रा बिटकॉइन को कानूनी मुद्रा बनाने वाला दुनिया का पहला देश

  • मध्य अमेरिका का एक छोटा सा तटीय देश अल साल्वाडोर डिजिटल मुद्रा बिटकॉइन को कानूनी मुद्रा बनाने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है।
  • अल सल्वाडोर संसद ने 9 जून को 84 में से 62 के बहुमत से इस कदम को मंजूरी दी। 
  • हालाँकि इससे  अल साल्वाडोर  कोई खास परिवर्तन नहीं होने वाला है क्योंकि इस देश की अपनी कोई मौद्रिक नीति नहीं है और इसलिए, रक्षा के लिए कोई स्थानीय मुद्रा नहीं है।
  • वर्ष 2001 में देश को आधिकारिक तौर पर ‘डॉलरीकृत’ किया गया था और यह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर चलता है।
  • बिटकॉइन का समग्र उपयोग मुद्रा के रूप में इसके सामान्य उपयोग से कम प्रेरित प्रतीत दिखता है और देश की छवि और निवेश को बढ़ावा देने के साथ यह अल सल्वाडोर को नवाचार की ओर ले जाने का प्रयत्न अधिक दिखता है। 

एडुकानुमाब-वर्ष 2003 के पश्चात अल्जाइमर के लिए एफडीए की मंजूरी पाने वाली  पहली नई दवा

  • बायोजेन कंपनी के एडुकानुमाब (aducanumab) को यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) द्वारा अल्जाइमर रोग के इलाज के लिए अनुमोदित किया गया है।
  • वर्ष 2003 के पश्चात अल्जाइमर के लिए  एफडीए की मंजूरी पाने वाली यह पहली नई दवा है। अल्जाइमर रोग की पहचान मस्तिष्क में न्यूरॉन्स के टूटने के कारण मलबे का जमा होना है, जिससे प्लाक बनता है।
  • एडुकानुमाब दवा , जिसका ब्रांड नाम एडुहेल्म (Aduhelm) है, एक मोनोक्लोनल एंटीबॉडी है जिसे एमिलॉयड बीटा (एक प्रोटीन जो मस्तिष्क में प्लेक बनाता है) की उपस्थिति को कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। Aduhelm (aducanumab) का उद्देश्य मस्तिष्क के कार्य में गिरावट को धीमा करके रोग के कोर्स को बदलना है।

फास्टलीसमस्या के कारण बड़ी वेबसाइटें लगभग आधे घंटे के लिए बंद

  • अमेरिकी क्लाउड कंप्यूटिंग सेवा प्रदाता फास्टली (Fastly) के कंटेंट डिस्ट्रीब्यूशन  नेटवर्क (CDN) के साथ एक प्रमुख समस्या के कारण 8 जून को दुनिया भर की कई बड़ी वेबसाइटें लगभग आधे घंटे के लिए बंद हो गईं।
  • प्रभावित होने वाली प्रमुख समाचार वेबसाइटें फाइनेंशियल टाइम्स, द गार्जियन, न्यूयॉर्क टाइम्स, सीएनएन और वर्ज थीं।
  • अधिकांश उपयोगकर्ताओं ने इन वेबसाइटों तक पहुँचने का प्रयास करते समय 503 त्रुटि देखी होगी, जो यह दर्शाता है कि ब्राउज़र सर्वर तक पहुँचने में सक्षम नहीं था।
  • फास्टली एक क्लाउड कंप्यूटिंग सेवा प्रदाता है, जो सीडीएन, एज कंप्यूटिंग, क्लाउड स्टोरेज सेवाएं प्रदान करता है।
  • एक सीडीएन (CDN) सर्वरों के भौगोलिक रूप से वितरित समूह को संदर्भित करता है जो इंटरनेट कंटेंट  का तेजी से वितरण प्रदान करने के लिए मिलकर काम करता है। वे दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के नेटवर्क के करीब कंटेंट रखते हैं। आज दुनिया भर में अधिकांश वेब ट्रैफिक सीडीएन के माध्यम से रूट किया जाता है।

श्री अनूप चंद्र पाण्डेय -नए चुनाव आयुक्त नियुक्त

  • राष्ट्रपति ने उत्तरप्रदेश कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत अधिकारी  श्री अनूप चंद्र पाण्डेय को  भारत निर्वाचन आयोग में चुनाव आयुक्त के पद पर नियुक्त किया है।
  • कार्यभार संभालने की तारीख से उनका कार्यकाल प्रभावी होगा। सुनील अरोड़ा के इस साल 12 अप्रैल को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटने के बाद चुनाव आयोग में एक सदस्य का पद रिक्त था।
  • श्री पांडे ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव के रूप में कार्य किया है और कई अन्य प्रमुख पदों पर कार्य किया है।

भारत में पहली सीएआर-टी सेल थेरेपी

  • टाटा मेमोरियल अस्पताल, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुम्बई (आईआईटी-बी) के दल तथा भारत में कैंसर केयर ने पहली सीएआर-टी सेल थेरेपी (एक तरह की जीन थेरेपी) को अंजाम दिया।
  • यह कारनामा मुम्बई के टाटा मेमोरियल सेंटर के एसीटीआरईसी के अस्थि-मज्जा प्रत्यारोपण इकाई ने कर दिखाया। सीएआर-टी सेल्स को आईआईटी-बी के जैव-विज्ञान एवं जैव-इंजीनियरिंग विभाग ने डिजाइन और उसका निर्माण किया था।
  • कैंसर के उपचार में शिमेरिक एंटीजेन रिसेप्टर टी-सेल (Chimeric Antigen Receptor T-cell: CAR-T) थेरेपी रामबाण के रूप में सामने आई है।
  • दुनिया भर में चलने वाले क्लीनिकल ट्रायल में आखिरी स्टेज वाले कैंसर मरीजों पर इसके सकारात्मक नतीजे निकले हैं, खासतौर से उन मरीजों पर जो गंभीर रूप से खून के कैंसर से पीड़ित हैं। कैंसर के मरीजों के लिये इस प्रौद्योगिकी में उपचार की क्षमता है, लेकिन इस समय यह भारत में उपलब्ध नहीं है।

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