सी-स्नोट से तुर्की के पास सागर को खतरा (07.06.21 डेली करंट अफेयर्स)

सी-स्नोट से तुर्की के पास सागर को खतरा

  • सी-स्नोट’ (Sea snot) तुर्की के समुद्रों में जमा धूसर या हरे रंग की गाद़ की एक पतली परत है, जो समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को काफी नुकसान पहुंचा सकती है। ‘समुद्री लासा’  (marine mucilage) के रूप में जाना जाने वाला कार्बनिक पदार्थ की यह पतली परत,  इस्तांबुल के दक्षिण में समुद्र के माध्यम से फैल गई है, जिससे समुद्री जीवन और मछली पकड़ने के उद्योग को खतरा पैदा हो गया है।
  • सी-स्नोट तब बनता है जब जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के साथ जल प्रदूषण के परिणामस्वरूप शैवाल में पोषक तत्वों की अधिकता हो जाती है। पोषक तत्व अधिक तब होता है जब ग्लोबल वार्मिंग के कारण गर्म मौसम में शैवाल को अनुकूल माहौल प्राप्त होता है। जल प्रदूषण समस्या को और बढ़ा देता है।
  • तुर्की के पर्यावरण मंत्री मूरत कुरुम के अनुसार उनका देश ने मरमारा सागर (Sea of Marmara) को एक संरक्षित क्षेत्र नामित करने, प्रदूषण को कम करने और तटीय शहरों और जहाजों से अपशिष्ट जल के उपचार में सुधार करने की योजना बनाई है, जिससे सी-स्नोट को फैलने से रोका जा सके।
  • वैज्ञानिकों के अनुसार जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण ने कार्बनिक पदार्थों के प्रसार में योगदान दिया है, जिसमें विभिन्न प्रकार के सूक्ष्मजीव होते हैं और पोषक तत्वों से भरपूर सीवेज समुद्री जल में प्रवाहित होने पर पनप सकते हैं।

परफॉरमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स 2019-20 को जारी

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक‘ ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए परफॉरमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (Performance Grading Index: PGI) 2019-20 को जारी करने की स्वीकृति  दी।
  • सरकार ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तनकारी बदलाव को उत्प्रेरित करने के लिए 70 मानकों के एक सेट के साथ प्रदर्शन ग्रेडिंग इंडेक्स की शुरुआत की है।
  • राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए पीजीआई पहली बार 2019 में 2017-18 के संदर्भ में प्रकाशित हुआ था।
  • पंजाब, तमिलनाडु और केरल ने 2019-20 के लिए प्रदर्शन ग्रेडिंग इंडेक्स में 90 प्रतिशत से अधिक स्कोर किया है।
  • पंजाब ने  1,000 में से लगभग 929 का उच्चतम स्कोर दर्ज किया, जो पिछले साल 769 से भारी उछाल दर्शाता है। तमिलनाडु ने 906 के स्कोर के साथ केरल को भी पीछे छोड़ दिया।

एनटीपीसी सीईओ वाटर मैंडेट (CEO Water mandate) में शामिल

  • देश की  विद्युत कंपनी एनटीपीसी ने  यूएन ग्लोबल कॉम्पेक्ट के सीईओ वाटर मैंडेट (CEO Water mandate) पर हस्ताक्षर किया है।
  • इस तरह एनटीपीसी कुशल जल प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करने वाली कंपनियों की प्रतिष्ठित लीग में शामिल हो गया है।  
  • एनटीपीसी ने जल प्रबंधन पर प्रभावी तौर पर ध्यान देते हुए अपने संयंत्रों में पहले ही कई उपाय किए हैं।
  • सीईओ वाटर मैंडेट (CEO Water mandate) एक संयुक्त राष्ट्र ग्लोबल कॉम्पैक्ट पहल (UN Global Compact initiative ) है जो पानी, स्वच्छता और सतत विकास लक्ष्यों पर बिजनेस लीडर्स को एकजुट करती है और पानी और स्वच्छता एजेंडा को बेहतर बनाने के लिए कंपनियों की प्रतिबद्धता और प्रयासों को प्रदर्शित करती है।  

प्राण वायु देवता पेंशन योजना और ऑक्सी वन

  • हरियाणा सरकार ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दो योजनाओं की घोषणा की है; प्राण वायु देवता पेंशन योजना (Pran Vayu Devta Pension Scheme) और ऑक्सी वन (Oxy Van ऑक्सीजन वन)।
  • इस योजना के तहत, हरियाणा सरकार उन सभी पेड़ों का सम्मान करेगी जो 75 वर्ष और उससे अधिक आयु के हैं और जिन्होंने जीवन भर ऑक्सीजन का उत्पादन, प्रदूषण कम करके, छाया प्रदान करके मानवता की सेवा की है।
  • पूरे राज्य में ऐसे पेड़ों की पहचान की जाएगी और स्थानीय लोगों को इस योजना में शामिल कर उनकी देखभाल की जाएगी।
  • 75 वर्ष से अधिक पुराने वृक्षों के रख-रखाव के लिए पीवीडीपीएस के नाम पर प्रति वर्ष 2,500 रुपये की “पेंशन राशि” दी जाएगी।
  • ऑक्सी वन पहचान की गई जमीन के टुकड़े हैं, जिन पर 3 करोड़ पेड़ लगाए जाएंगे। ऑक्सी वन पूरे हरियाणा में 8 लाख हेक्टेयर भूमि में से 10 प्रतिशत पर होगा। हरियाणा के शहरों में 5 एकड़ से लेकर 100 एकड़ तक की जमीन पर ऑक्सी फॉरेस्ट लगाए जाएंगे।

बैंक अवकाश के दिन भी वेतन और ईएमआई भुगतान की अनुमति

  • भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI)  ने राष्ट्रीय स्वचालित समाशोधन गृह (National Automated Clearing House: NACH)  को 1 अगस्त, 2021 से सप्ताह के सभी दिनों में उपलब्ध होने की घोषणा की है।
  • नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया (National Payments Corporation of India: NPCI) ने “नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस” लागू किया है। 
  • एनएसीएच बैंकों, वित्तीय संस्थानों, कॉरपोरेट्स और सरकार के लिए इंटरबैंक, हाई वैल्यू , इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन की सुविधा के लिए एक वेब आधारित समाधान है।
  • एनएसीएच प्रणाली का उपयोग सब्सिडी, लाभांश, ब्याज, वेतन, पेंशन आदि के वितरण के लिए थोक लेनदेन करने के लिए और टेलीफोन, बिजली, पानी, ऋण, म्यूचुअल फंड में निवेश, बीमा प्रीमियम आदि से संबंधित भुगतानों के संग्रह के लिए थोक लेनदेन के लिए भी किया जा सकता है।

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