डेली करेंट अफेयर्स (29 मई 2021)

इन्डेम्निटी क्लॉज और कोविड-19 वैक्सीन के प्रकार 

  • वैक्सीन निर्माण करने वाली अमेरिकी कंपनी ‘फाइजर’ भारत में अपनी कोविड-19 वैक्सीन लाने से पहले ‘इन्डेम्निटी’ (indemnity) से राहत की शर्त रख रहा है।
  • उपर्युक्त शर्त की वजह से ही भारत में इसकी एमआरएनए टीकाकरण को मंजूरी नहीं मिल रही।
  • इस क्लॉज की वजह से फाइजर और केंद्र सरकार के बीच समझौता नहीं हो पा रहा है।
  • इइन्डेम्निटी क्लॉज के तहत टीका का कोई साइड इफेक्ट सामने आने पर  टीका निर्माता कंपनियों को क्षतिपूर्ति का भुगतान करना पड़ता है।   
  • भारत ने टीका लगाने के पश्चात किसी भी प्रकार के गंभीर दुष्प्रभाव सामने आने पर इनडेम्निटी संबंधी छूट किसी कंपनी को नहीं दिया है।
  • परंतु फाइजर कंपनी ने विश्व के कई देशा में ऐसी छूट प्राप्त कर ली है।
  • फाइजर ने कई देशों के साथ इनडेम्निटी क्लॉज पर हस्ताक्षर किए हैं जो इसके टीके का उपयोग कर रहे हैं, कंपनी को प्रतिकूल घटना के मामले में किसी भी कानूनी लागत का भुगतान करने से मुक्त कर दिया है।

किस प्रकार तैयार किये गये हैं कोविड-19 टीके

  • क्या है टीकाः टीके एक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया (इम्युन) को प्रेरित करते हैं ताकि आपके शरीर को याद रहे कि भविष्य में वायरस से कैसे लड़ना है।
  • कुछ टीके आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रतिक्रिया देने के लिए पूरे वायरस का उपयोग करते हैं। अन्य टीके वायरस या आनुवंशिक सामग्री के कुछ हिस्सों का उपयोग करते हैं जो वायरस में विशिष्ट प्रोटीन बनाने के लिए निर्देश प्रदान करते हैं।
  • कई कोविड-19 टीकों में कोविड-19 वायरस की सतह पर एक स्पाइक जैसी संरचना शामिल होती है जिसे एस-प्रोटीन कहा जाता है। एस प्रोटीन वायरस को आपकी कोशिकाओं के अंदर जाने और संक्रमण शुरू करने में मदद करता है।

दुनिया भर के निर्माता विभिन्न प्रकार के टीकों पर काम कर रहे हैं जो इस प्रकार हैं:

  • मैसेंजर-आरएनए वैक्सीनः इस प्रकार का टीका आनुवंशिक रूप से इंजीनियर मैसेंजर आरएनए (mRNA) का उपयोग करके आपकी कोशिकाओं को निर्देश देता है कि कैसे कोविड-19 वायरस की सतह पर पाए जाने वाले एस-प्रोटीन का एक हानिरहित टुकड़ा बनाया जाए।
  • टीकाकरण के बाद, आपकी प्रतिरक्षा कोशिकाएं एस प्रोटीन के टुकड़े बनाना शुरू कर देती हैं और उन्हें कोशिका की सतहों पर प्रदर्शित करती हैं। यह आपके शरीर को एंटीबॉडी बनाने का कारण बनता है।
  • यदि आप कोविड-19 वायरस से संक्रमित हो जाते हैं, तो ये एंटीबॉडी वायरस से लड़ेंगे। मैसेंजर आरएनए वैक्सीन आपकी कोशिकाओं को प्रोटीन के टुकड़े बनाने में मदद करने के बाद, मैसेंजर आरएनए तुरंत टूट जाता है। यह कभी भी आपकी कोशिकाओं के केंद्रक में प्रवेश नहीं करता है, जहां आपका डीएनए रखा जाता है।
  • मॉडर्ना और फाइजर कोविड-19 दोनों टीके मैसेंजर आरएनए का उपयोग करते हैं।
  • वेक्टर वैक्सीनः इस प्रकार के टीके में, कोविड-19 वायरस से आनुवंशिक सामग्री को एक अलग तरह के कमजोर जीवित वायरस में डाला जाता है, जैसे कि एडेनोवायरस।
  • कमजोर वायरस, या वायरल वेक्टर, एक वितरण प्रणाली के रूप में कार्य करता है। जब वायरल वेक्टर आपकी कोशिकाओं में प्रवेश करता है, तो यह कोविड-19 वायरस से आनुवंशिक सामग्री वितरित करता है जो आपकी कोशिकाओं को एस-प्रोटीन की प्रतियां बनाने का निर्देश देता है।
  • एक बार जब आपकी कोशिकाएं अपनी सतहों पर एस प्रोटीन प्रदर्शित करती हैं, तो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली एंटीबॉडी और रक्षात्मक श्वेत रक्त कोशिकाओं का निर्माण करके प्रतिक्रिया करती है। यदि आप कोविड-19 वायरस से संक्रमित हो जाते हैं, तो एंटीबॉडी वायरस से लड़ेंगे।
  • जॉनसन एंड जॉनसन, ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका (भारत में कोविशील्ड), रूस की स्पुतनिक-5 कोविड-19 टीके वेक्टर टीके हैं।
  • निष्क्रिय वायरस वैक्सीनः वायरस या बैक्टीरिया, या इससे मिलते-जुलते किसी एक को ले लिया जाता है और रसायनों, गर्मी या विकिरण का उपयोग करके इसे निष्क्रिय या मार दिया जाता है। इस तरह से फ्लू और पोलियो के टीके बनाए जाते हैं। भारत बायोटेक की कोवैक्सीन इसी प्रकार की टीका है।
  • हालांकि, इसे वायरस या जीवाणु को सुरक्षित रूप से विकसित करने के लिए विशेष प्रयोगशाला सुविधाओं की आवश्यकता होती है, अपेक्षाकृत लंबा उत्पादन समय हो सकता है, और संभवतः दो या तीन खुराक की आवश्यकता होती है।

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उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोग

  • 74वीं विश्व स्वास्थ्य सभा ने जेनेवा में 30 जनवरी को ‘विश्व उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोग दिवस (World Neglected Tropical Diseases Day (‘World NTD Day) के रूप में मान्यता देने के निर्णय का समर्थन किया।
  • विश्व स्वास्थ्य सभा, जो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन का निर्णय करने वाली इकाई है, की 27 मई, 2021 को हुयी 74वीं सभा में इसका निर्णय लिया गया।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार उपर्युक्त घोषणा उन देशों के लिए एक नई सुबह जैसी है जहां उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोग (NTD) प्रचलित है।
  • विश्व एनटीडी दिवस 30 जनवरी 2012 को उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोग पर प्रथम एनटीडी रोड मैप और इस पर लंदन घोषणापत्र (London Declaration on NTDs) की स्मरण दिलाता है। इसी दिन दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक-निजी क्षेत्र की साझेदारी की स्थापना की गई थी, और एनटीडी के उन्मूलन करने के लिए प्रतिज्ञा ली गई थी।

क्या है उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोग?

  • उपेक्षित उष्णकटिबंध रोग स्थितियों का एक समूह है जो एक अरब से अधिक ऐसे लोगों को प्रभावित करता है जो ज्यादातर हाशिए पर रहने वाले, ग्रामीण और गरीब शहरी क्षेत्रों और संघर्ष क्षेत्रों में रहते हैं।
  • ‘उपेक्षित’ शब्द इस बात पर प्रकाश डालता है कि ये रोग मुख्य रूप से निम्न-संसाधन स्थिति में गरीब और हाशिए पर रहने वाली आबादी को प्रभावित करते हैं।
  • यद्यपि ये रोग रोके जा सकते हैं और इनका उपचार भी किया जा सकता हैं, परन्तु ये रोग गरीबी और पारिस्थितिक तंत्र के साथ जटिल अंतर्संबंधित होने के कारण विनाशकारी स्वास्थ्य, सामाजिक और आर्थिक परिणाम का कारण बनते हैं।
  • एनटीडी शारीरिक और संज्ञानात्मक विकास को बाधित करते हैं, माँ और बच्चे की बीमारी और मृत्यु में योगदान करते हैं, जिससे खेती करना या जीविकोपार्जन करना मुश्किल हो जाता है और कार्यस्थल में उत्पादकता सीमित हो जाती है। नतीजतन, एनटीडी गरीबों को गरीबी और बीमारी के चक्र में फंसाये रखता है।

कुछ प्रमुख उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोग इस प्रकार हैं:

  • डेंगूः एक मच्छर जनित संक्रमण जो फ्लू जैसी बीमारी का कारण बनता है जो गंभीर डेंगू में विकसित हो सकता है और घातक जटिलताओं का कारण बन सकता है।
  • रेबीजः संक्रमित कुत्तों के काटने से मनुष्यों में फैलने वाली एक रोकथाम योग्य वायरल बीमारी जो लक्षण विकसित होने के बाद हमेशा घातक होती है।
  • ट्रेकोमाः एक क्लैमाइडियल संक्रमण संक्रामक आँख या नाक बहने के सीधे संपर्क के माध्यम से, या असुरक्षित रहन-सहन के माध्यम से फैलता है, अनुपचारित छोड़ने की स्थिति अपरिवर्तनीय कॉर्नियल अस्पष्टता और अंधापन का कारण बनता है।
  • बुरुली अल्सरः एक दुर्बल करने वाला माइकोबैक्टीरियल त्वचा संक्रमण जिससे त्वचा, हड्डी और कोमल ऊतकों का गंभीर विनाश होता है।
  • यॉजः एक पुराना जीवाणु संक्रमण जो मुख्य रूप से त्वचा और हड्डी को प्रभावित करता है।
  • कुष्ठ रोगः मुख्य रूप से त्वचा, परिधीय नसों, म्यूकोसा के ऊपरी श्वसन पथ और आँखों के संक्रमण के कारण होने वाला एक जटिल रोग।
  • चगास रोगः वेक्टर कीड़े (ट्रायटोमाइन बग), दूषित भोजन, संक्रमित रक्त दान, जन्मजात संचरण, अंग प्रत्यारोपण या प्रयोगशाला दुर्घटनाओं के संपर्क के माध्यम से मनुष्यों में फैलने वाली एक जानलेवा बीमारी है।
  • ह्यूमन अफ्रीकन ट्रिपैनोसोमियासिस (स्लीपिंग सिकनेस): टेटसे मक्खियों के काटने से फैलने वाला एक परजीवी संक्रमण जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पर आक्रमण करने से पहले परजीवियों को रोकने में अक्षम होने पर 100 प्रतिशत घातक सिद्ध होता है।

 

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नामीबिया नरसंहार पर जर्मनी की स्वारोक्ति

  • जर्मनी ने 28 मई, 2021 को आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि उसने नामीबिया पर अपने औपनिवेशिक काल के कब्जे के दौरान नरसंहार किया था।
  • जर्मन विदेश मंत्री हेइको मास ने हत्याओं को नरसंहार के रूप में स्वीकार किया है।
  • इसके साथ ही जर्मनी ने नामीबिया के लिए वित्तीय सहायता के संकेत की भी घोषणा की।
  • उल्लेखनीय है कि यह पहली बार है जब जर्मनी ने पांच साल की बातचीत के बाद घोषणा के साथ किए गए अत्याचारों को मान्यता दी है।
  • नामीबिया 1884 से 1915 तक जर्मन कब्जे में था। जर्मन उपनिवेशवादियों ने 20वीं शताब्दी की शुरुआत में वहां हजारों हरेरो और नामा (Herero and Nama ) लोगों को मार डाला था।
  • इतिहासकारों ने इन अत्याचारों को 20वीं शताब्दी की शुरुआत में ‘विस्मृत नरसंहार’ के रूप में वर्णित किया गया है, जिसे तब जर्मन दक्षिण-पश्चिम अफ्रीका के रूप में जाना जाता था।

किगाली नरसंहार पर फ्रांसीसी स्वीकृति

  • फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने रवांडा की यात्रा के दौरान कहा कि फ्रांस 1994 के रवांडा नरसंहार में अपनी जिम्मेदारी की जवाबदेही लेता है।
  • उनकी यह टिप्पणी किगाली नरसंहार (किगाली रवांडा की राजधानी है) स्मारक में एक गंभीर अभिभाषण के दौरान आई, जहां सामूहिक नरसंहार के पश्चात 2,50,000 पीड़ितों को दफनाया गया है।
  • उल्लेखनीय है कि अप्रैल 1994 में शुरू हुए रक्तपात के 100 दिनों में हुतु मिलिशिया द्वारा लगभग 800,000 तुत्सी और उदारवादी हुतु मारे गए थे।
  • नरसंहार जुलाई 1994 में समाप्त हुआ जब वर्तमान राष्ट्रपति कागामे के नेतृत्व में रवांडा पैट्रियटिक फ्रंट युगांडा विजयी रहे और देश को अपने नियंत्रण में ले लिया।
  • मार्च 2021 में फ्रांसीसी जांच रिपोर्ट सामने आई थी जिसमें कहा गया था कि फ्रांसीसी अधिकारी जो तत्समय हुतु के नेतृत्व वाली सरकार के नजदीक थी, औपनिवेशिक मानसिकता की वजह से उपर्युक्त नरसंहार के समय आंखें मूंद ली थी। इस रिपोर्ट में इस जघन्य अपराध का पूर्वानुमान नहीं करने के कारण फ्रांसीसी सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया। इसी के पश्चात फ्रांसीसी राष्ट्रपति रवांडा पहुंचे थे। 

राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन (National Digital Health Mission: NDHM) की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
  • प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त, 2020 को, अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन के दौरान, एनडीएचएम के शुभारंभ की घोषणा की थी।  
  • इस मिशन को छह केन्द्र – शासित प्रदेशों में शुरू किया गया है। ये केंद्रशासित प्रदेश हैं: चंडीगढ़, लद्दाख, दादरा-नागर हवेली और दमन-दीव, पुदुचेरी, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह एवं लक्षद्वीप। अब तक, लगभग 11.9 लाख स्वास्थ्य पहचान – पत्र (आईडी) बनाये जा चुके हैं और 3106 डॉक्टरों एवं 1490 स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी सुविधाओं ने इस प्लेटफार्म पर पंजीकरण कराया है। 
  • इस बात की परिकल्पना की गई है कि डिजिटल स्वास्थ्य से संबंधित एक खुले और इंटरऑपरेबल आईटी नेटवर्क-यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस (यूएचआई) को जल्द ही शुरू किया जाना चाहिए।
  • यह इंटरफ़ेस सार्वजनिक और निजी समाधानों एवं एप्प को काम करने और उसे राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य से जुड़े इकोसिस्टम का हिस्सा बनने में सक्षम बनायेगा।

रेड स्नैपर बीज उत्पादन तकनीक

  • रेड स्नैपर (Red Snapper: Lutjanus argentemaculatus) मछली की उच्च मूल्य वाली प्रजाति है।
  • इस मछली को तमिल में सेपिली (Seppili) और मलयालम में चेम्बाली (Chembally) (मलयालम में) कहा जाता है।
  • खारे पानी के जलीय कृषि (Brackishwater Aquaculture) के विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए, भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् के केंद्रीय खारा जल कृषि संस्थान (ICAR-CIBA) इस मछली के लिए बीज उत्पादन तकनीक को सफलतापूर्वक विकसित किया है।
  • जलीय कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह उपलब्धि जलीय कृषि पर्यावरण में रेड स्नैपर के पालन के लिए उच्च गुणवत्ता वाले बीज प्रदान करेगा।
  • यह मछली त्वरित विकास, अनुकूलन, प्राकृतिक आहारों को स्वीकार करने के लिए जानी जाती है।

(Sources: WHO, The Mint, Businessline, The Hindu, BBC, CDC)

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