करंट अफेयर्स डेली (27 मई 2021)

लक्षद्वीप विकास प्राधिकरण विवाद

केंद्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप में वहां के प्रशासक श्री प्रफल्ल खोड़ा पटेल द्वारा हाल में किये गये कुछ बदलाव एवं कुछ प्रस्तावित बदलाव को लेकर व्यापक परिचर्चाएं सामने आयी हैं। कुछ स्थानीय द्वीपवासी एवं कुछ राजनीतिक दलों द्वारा इन बदलावों को लक्षद्वीप की संस्कृति, परंपरा, पर्यावरण में हस्तक्षेप की संज्ञा दी गई है और इन बदलावों को वापस लेने की मांग की गई है। ये बदलाव या प्रस्तावित परिवर्तन इस प्रकार हैं:

  • लक्षद्वीप विकास प्राधिकरण का सृजन किया जाना है जिससे संबंधित विनियमन के तहत स्थानीय प्रशासन को विकास गतिविधियों के लिए किसी भी भू-खंड के चयन का अधिकार मिल जाता है। विकास गतिविधि के रूप में भवन, इंजीनियरिंग, खनन, उत्खनन और अन्य कार्यों का उल्लेख है। 
  • लक्षद्वीप पशु संरक्षण नियमन, 2021 मसौदा के द्वारा लक्षद्वीप में गाय, बछड़े, बैल इत्यादि पशुओं के बध पर प्रतिबंध लगाया गया है। कतिपय निर्दिष्ट स्थानों पर ही पशुओं का वध की अनुमति दी गई है। यह भी कि बिना प्रमाण पत्र के जानवरों का वध करने वाले व्यक्ति को एक वर्ष तक की कैद और 10,000 रुपये तक के जुर्माने से दंडित करने का भी प्रावधान है। 
  • असामाजिक गतिविधियों की रोकथाम अधिनियम, 2021 के द्वारा किसी व्यक्ति को बिना किसी सार्वजनिक डिस्कलोजर के एक वर्ष तक की अवधि के लिए हिरासत में लिया जा सकता है। द्वीपवासियों की मानें तो इस छोटे से द्वीप में अपराध नगण्य है, ऐसे में इस प्रस्तावित कानून के पीछे कुछ और उद्देश्य है। 
  • प्रस्तावित लक्षद्वीप पंचायत रेगुलेशन 2021 के तहत दो से अधिक बच्चे वाले निवासियों को पंचायत चुनाव लड़ने से मना किया गया है।
  •  लक्षद्वीप प्रशासन ने तीन द्वीपों के होटलों व रिसॉर्ट में शराब की बिक्री की अनुमति दी है। स्थानीय प्रशासन का तर्क है कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उल्लेखनीय है कि द्वीपीय क्षेत्र में दशकों से शराबबंदी लागू है।  केवल बांगरम द्वीपों में ही शराब बिक्री की अनुमति थी।
  • केंद्रशासित प्रदेश पशुपालन विभाग द्वारा संचालित डेयरी फार्म को बंद कर दिया गया है।
  • तटीय विनियमन क्षेत्र और तटरक्षक अधिनियम के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए लक्षद्वीप प्रशासन ने समुद्र तट के किनारे मछुआरों द्वारा बनाई गई झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया है। ये शेड मछुआरों द्वारा अपने जाल और मछली पकड़ने के गियर रखने के लिए बनाए गए थे।
  • विभिन्न द्वीपों और केरल के बीच व्यापार संबंधों को समाप्त करते हुए, माल ढुलाई को मंगलुरु से जोड़ दिया गया है। अब तक लक्षद्वीप के लोग रसद और चिकित्सा सुविधाओं के लिए बेपोर और कोच्चि के बंदरगाहों पर निर्भर थे।

लक्षद्वीप के बारे में आप क्या जानते हैं?

  • वर्ष 1956 में यहां के द्वीपों को एक ही क्षेत्र में गठित किया गया था, और तब से, एक प्रशासक के माध्यम से सीधे केंद्र सरकार द्वारा प्रशासित किया जाता रहा है।
  • वर्ष 1973 में लक्षद्वीप, मिनिकॉय और अमीनदीवी द्वीप समूह का नाम बदलकर लक्षद्वीप कर दिया गया।
  • लक्षद्वीप, प्रवाल द्वीपों के एक समूह में 12 प्रवाल द्वीप, तीन चट्टानें और जलमग्न रेत के किनारे हैं।
  • 36 द्वीपों में से केवल 11 में मानव आबादी पायी जाती है।

फसल बीमा का बीड जिला फार्मूलाक्या है?

विगत डेढ़ वर्षों से पैंडेमिक की वजहों से राज्य वित्तीय संकट की दौर से गुजर रहे हैं। इसका दुष्प्रभाव कई क्षेत्रें को भुगतना पड़ता है जिनमें फसल बीमा भी शामिल है। हालात ऐसी हैं कई राज्य प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के लिए अपने हिस्से का प्रीमियम बिल जमा करने से मुकर रहे हैं। इसका दुष्परिणाम यह हो रहा है कि  बीमाकर्ता समय पर किसानों के दावों का भुगतान नहीं कर पर रहे हैं। अंततः खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा रहा है।

  • इस समस्या से बाहर आने के लिए महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों ने केंद्र सरकार ने आगामी ऽरीफ सीजन के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के संचालन के लिए ‘बीड जिला फॉर्मूला’ अपनाने की वकालत की है।
  • इन राज्यों के अनुसार इस वर्ष मानसून के सामान्य रहने के आसार है ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि बीमा करने वाली कंपनियों के पास अधिशेष प्रीमियम हो सकता है।
  • अधिशेष प्रीमियम से तात्पर्य है बीमा के बदले वसूली की गई प्रीमियम राशि में से दावों के भुगतान के पश्चात बची राशि। चूंकि मानसून अच्छा रहने से फसलों को नुकसान नहीं होगा फलतः कंपनियों को कम दावे का भुगतान करना होगा।
  • उपर्युक्त परिस्थिति में ‘बीड जिला फार्मूला’ जिसे ’80:110’ योजना नाम दिया गया है, को अपनाया जाना चाहिये।
  • इस योजना के तहत अधिशेष प्रीमियम राज्य सरकारों को वापस कर दिया जाये। 
  • क्या है 80:110 योजनाः 80-110 योजना के तहत, बीमाकर्ता के संभावित नुकसान सीमित होते हैं। बीमा कंपनियों को सकल प्रीमियम के 110 प्रतिशत से अधिक के दावों पर विचार नहीं करना होगा। -बीमाकर्ता को नुकसान से बचाने के लिए एकत्र किए गए प्रीमियम के 110 प्रतिशत से अधिक के किसी भी दावे की लागत राज्य सरकार  वहन करेगी।
  • प्रीमियम सरप्लस (सकल प्रीमियम में से दावों का भुगतान) सकल प्रीमियम के 20 प्रतिशत से अधिक की राशि बीमाकर्ता द्वारा राज्य सरकार को वापस कर दी जाती है।
  • इस योजना को कुछ इस तरह समझा जा सकता है। यदि दावे, वसूले गये प्रीमियम के 60 प्रतिशत तक रहता है तो कंपनियों को 20 प्रतिशत की राशि राज्य सरकारों को वापस करनी होगी। वहीं यदि दावे प्रीमियम वसूली के 70 प्रतिशत हो जाये तो राज्यों को केवल 10 प्रतिशत वापस करने होंगे। वहीं यदि दावा की गई राशि प्रीमियम के 80 प्रतिशत से ऊपर चला जाता है तो राज्यों को कोई प्रीमियम वापस नहीं करनी होगी।
  • पृष्ठभूमिः दरअसल वर्ष 2020 में महाराष्ट्र के बीड जिले में सामान्य से कम मानसून की दो बारिश के चलते बीमाकर्ताओं ने खरीफ 2020 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत इस जिले में किसानों को कवर करने से मना कर दिया।
  • मजबूरन केंद्र सरकार को सार्वजनिक क्षेत्र की कृषि बीमा कंपनी (एआईसी) को आगे आने को कहा गया। एआईसी को आश्वासन दिया गया था कि उसे सकल प्रीमियम के 110 प्रतिशत से अधिक के दावों पर विचार नहीं करना होगा। यह भी कि बीमाकर्ता को नुकसान से बचाने के लिए एकत्र किए गए प्रीमियम से अधिक के किसी भी दावे की लागत राज्य सरकार वहन कर सकती है।
  • यह योजना सफल रही थी। अब इसी को आगामी खरीफ सीजन के लिए भी पुनरावृत्ति की मांग की गई है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में

  • 13 जनवरी 2016 को, भारत सरकार ने प्रमुख फसल बीमा योजना – प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) को मंजूरी दी थी।
  • इस योजना के तहत किसानों को धान, दलहन, मूंगफली, मक्का और बाजरा के लिए बीमा राशि का केवल 2 प्रतिशत और कपास फसलों के लिए कुल बीमा राशि का केवल 5 प्रतिशत का भुगतान करना होता है।
  • यह योजना उन किसानों सहित सभी किसानों के लिए वैकल्पिक है, जिन्हें अधिसूचित फसलों के लिए अल्पकालिक मौसमी कृषि परिचालन ऋण/किसान क्रेडिट कार्ड स्वीकृत किया गया है।
  • खरीफ 2017 सीजन से फसल बीमा का लाभ उठाने के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया गया है।
  • असिंचित फसलों के लिए केंद्रीय अनुदान 30 प्रतिशत और सिंचित क्षेत्रें के लिए 25 प्रतिशत है।
  • किसानों के हिस्से से अधिक प्रीमियम लागत पर राज्यों और भारत सरकार द्वारा समान रूप से सब्सिडी दी जाती है।
  • हालांकि, भारत सरकार पूर्वोत्तर राज्यों के लिए प्रीमियम सब्सिडी का 90 प्रतिशत हिस्सा साझा करती है।
From Plate to Plough: Premium delayed, farmer denied | The Indian Express

(स्रोतः फिनांसियल एक्सप्रेस एवं पीआईबी)

11-दिवसीय युद्ध

  • संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने  घोषणा की कि उनका देश यरुशलम  में अपने वाणिज्य दूतावास को फिर से खोलेगा।
  • यह कदम फिलिस्तीनियों के साथ संबंधों को बहाल करेगा, जिसे पिछले ट्रम्प प्रशासन द्वारा डाउनग्रेड किया गया था।
  • पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यरुशलम  में अपने संचालन को डाउनग्रेड कर दिया था।
  • श्री ब्लिंकन ने यह भी घोषणा की कि राष्ट्रपति जो बाइडेन अभी भी इजरायल और फिलिस्तीनियों के बीच दो-राज्य समाधान (two-state solution) के लिए प्रतिबद्ध हैं।
  • दो-राज्य समाधान का अर्थ है गाजा में एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य और इजरायल के साथ मौजूद वेस्ट बैंक।
  • हाल ही में, इजरायल और गाजा के हमास शासकों के बीच एक विनाशकारी 11-दिवसीय युद्ध (11-day war) में कम से कम 253 फिलिस्तीनियों और 12 इजरायलियों की मौत हो गई, और तटीय क्षेत्र में व्यापक विनाश हुआ।

 बेलारूस-रायनएयर विमान अपहरण विवाद

  • बेलारूस में की राजधानी मिन्स्क में रायनएयर (Ryanair plane ) के एक विमान को जबरन उतारने  के पश्चात बेलारूस पर हवाई प्रतिबन्ध का संकट मंडरा रहा है। 
  • यूरोपीय संघ ने बेलारूस एयरलाइन्स पर प्रतिबन्ध की धमकी दी है।
  • रायनएयर के नागरिक विमान को मिग-21 लड़ाकू विमान ने घेरकर मिंस्क में उतर दिया।
  • ऐसा कहा जा रहा है कि बेलारूस के राष्ट्रपति आलेक्जांडर लुकाशेंको के आदेश पर ऐसा किया गया। 
  • उस विमान में बेलारूस के ब्लॉगर और पत्रकार 26 साल के रमान प्रतोसेविच (Roman Protasevich c) सवार थे।  प्रतोसेविच एथेंस से पोलैंड के विल्नियस जा रहे थे, जहां वह आजकल रहते हैं।
  • उन्हें बेलारूस की आतंकवादी सूची में शामिल किया गया है और इस सूची को राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने तैयार किया है, जिसे आज भी केजीबी के नाम से जाना जाता है। उन्हें विमान से उतारकर गिरफ्तार किया गया।
  • उन्होंने  टेलीग्राम चैनल नेक्स्टा  के मुख्य संपादक के तौर पर काम किया है और  विवादित राष्ट्रपति चुनावों के बाद इंटरनेट बंद किए जाने के दौरान ये चैनल विरोध-प्रदर्शनों के लिए सूचना का मुख्य स्रोत रहे हैं।  उन्हें लुकाशेंको की आलोचना का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। 

वर्चुअल वेसाक वैश्विक समारोह

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर 26 मई 2021 को वर्चुअल वेसाक वैश्विक समारोह में मुख्य भाषण दिया।
  • यह कार्यक्रम संस्कृति मंत्रालय द्वारा अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) के सहयोग से आयोजित किया गया और इसमें दुनिया भर के बौद्ध संघों के सभी सर्वोच्च प्रमुखों की भागीदारी रही। दुनिया भर के 50 से अधिक प्रमुख बौद्ध धर्मगुरु इस समारोह को संबोधित किया।
  • वेसाक, मई के महीने में पूर्णिमा का दिन, दुनिया भर के लाखों बौद्धों के लिए सबसे पवित्र दिन है। 
  • ढाई सहस्राब्दी पहले, 623 ईसा पूर्व जिस दिन बुद्ध का जन्म हुआ था वेसाक का दिन था।
  • वेसाक के दिन ही बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी, और वेसाक के दिन ही बुद्ध अपने 80वें वर्ष में गुजर गए थे।

The End

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