जैन और बौद्ध धर्म

जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव थे । इन्हें इस धर्म का संस्थापक भी माना जाता है ।

जैन धर्म में कुल 24 तीर्थंकर हुए । महावीर स्वामी जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर थे । इन्हें धर्म का वास्तविक संस्थापक माना जाता है ।

जैन धर्म में कर्मफल से छुटकारा पाने के लिए त्रिरत्न का पालन आवश्यक माना गया है । ये त्रिरत्न हैं- सम्यक् दर्शन , सम्यक् ज्ञान एवं सम्यक् आचरण ।

 भारत आये प्रमुख विदेशी यात्री

मेगस्थनीज ( 304–299 ई . पू . ) : यूनानी सम्राट सेल्यूकस निकेटर के दूत के रूप में चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में आया । इसने भारत में प्राप्त अनुभवों को ‘ इंडिका ‘ नामक ग्रंथ में लेखबद्ध किया ।

पेरीप्लस ऑफ दि एरिथ्रियन सी ( 80 ई . ) : भारतीय तटीय प्रदेशों की यात्रा करने वाला अज्ञात यूनानी लेखक की रचना | इसमें दक्षिण भारतीय राजवंशों के साथ रोमन व्यापार एवं यहां के बंदरगाहों आदि का वर्णन है ।

टॉलमी ( द्वितीय शताब्दी ई . ) : यूनानी भूगोलवेत्ता जिसने ‘ जियोग्राफी ‘ नामक ग्रंथ की रचना की ।

  1857 का विद्रोह

1857 की ग्रीष्म ऋतु में लॉर्ड कैनिंग के वायसरॉय के कार्यकाल के दौरान यह घटना घटी । इसे 1857 का विद्रोह या सैन्य द्रोह अथवा पहला स्वाधीनता संग्राम भी कहा जाता है । मेरठ का विद्रोह तथा दिल्ली पर कब्जा , एक व्यापक सैन्य विद्रोह तथा पूरे उत्तरी तथा साथ ही मध्य तथा पश्चिमी भारत में विद्रोह की भूमिका तैयार हुई । दक्षिण शांत रहा तथा पंजाब व बंगाल इससे आंशिक रूप से प्रभावित हुए । कम्पनी के सिपाहियों की कुल संख्या 2,32,224 में से लगभग आधों ने अपने रेजीमेटल ‘ कलर ‘ के प्रति निष्ठा न रखने की घोषणा की तथा लम्बे समय से अनुशासन के एवं मेहनत से | तैयार की गई सेना की विचारधारा को तिलांजलि दे दी ।

ब्रिटिश भारत मे क्रषी अर्थव्यवस्था एवं प्रथाये

Taluqdari System

The term ‘taluqdar’ has different meanings in different parts of India. In Oudh, taluqdar is a great landholder.
But in Bengal, a taluqdar is next to zamindar in extent of land control and social status.
The big zamindars themselves had created many taluqs under several denominations, such as, junglburi taluq, mazkuri taluq, shikimi taluq, and so on.
These were created partly as a strategy of zamindari management and partly as a fiscal policy measure for raising zamindari funds for specific purposes.
After the Permanent Settlement, new varieties of taluqs were created by zamindars.
Under the pressure of the Permanent Settlement, many zamindars were creating dependent taluqs denominated as pattani taluq, noabad taluq and osat taluq.

Malguzari System

The land tenure prevailing in the erstwhile Central Provinces was known as Malguzari system in which the Malguzar was merely a revenue farmer under the Marathas.
When the Marathas came into power in this region, they farmed out the revenues of villages to persons of influence and wealth, who were called Malguzars.
During the British Rule, they were given proprietary rights and were held responsible for payment of revenue.
If the headman of a village was weak or was for any other reason, unable to answer for the sum the authorities expected, or if a court favourite wanted the village, the headman was replaced without hesitation by a farmer.
The farmer, or manager was at first called Mukaddam (the Hindi or Marathi form of Arabic Mugaddam).
Under the Malguzari system, the Lambardar/Sadar Lambardar appointed from among the Malguzars, was the revenue engager.
Other cultivators were either Absolute occupancy tenant, Occupancy tenant, Sub-tenant, Raiyat-Malik or lessees, who could be ejected from their holdings on various grounds. Malguzar (proprietor or co-sharer) held land under special description, namely, Sir land and Khudkasht land.

हरित आवास/ सतत आवास (Green Building)

“हरित भवन वह है जो कम पानी का उपयोग करता है, ऊर्जा दक्षता का अनुकूलन करता है, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करता है, कम अपशिष्ट उत्पन्न करता है और रहने वालों के लिए स्वस्थ स्थान प्रदान करता है। , एक पारंपरिक इमारत की तुलना में।

सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय

फैसले ने विशाखा को कामकाजी महिलाओं के यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए दिशा-निर्देश दिए।

इसने माना कि यौन उत्पीड़न महिलाओं की गरिमा और संविधान के अनुच्छेद 14, 15 (1), और (2) का उल्लंघन है।

बाद में संसद ने “कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम 2013” तैयार किया।

जलवायु परिवर्तन- शब्दावली

प्राकृतिक या संशोधित पारिस्थितिक तंत्रों की रक्षा, संधारणीय प्रबंधन और पुनर्स्थापना हेतु किए गए कार्य यह कार्य सामाजिक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से और अनुकूल रूप से समाधान करते हैं साथ ही मानव कल्याण और जैव विविधता के लिए लाभ प्रदान करते हैं।

एनएफटी (NFT) क्या है?

नॉन फंजिबल टोकन (NFT) एक यूनिक टोकन होता है, जो डिजिटल वैल्यू को जनरेट करते है। यह किसी भी फॉर्म (मूवी, डीवीडी, टीवी सीरीज) में मिल सकते है इसका हर … Read More

जैव प्रौद्योगिकी – आनुवंशिक अभियांत्रिकी – प्रक्रिया और अनुप्रयोग (Biotechnology-Genetic Engineering – Processess and Applications)

जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) जीवों के जीवित एंजाइमों का उपयोग करके मनुष्यों के लिए उपयोगी उत्पादों और प्रक्रियाओं का उत्पादन करने की तकनीकों से संबंधित है। मुख्य रूप से दही, ब्रेड या वाइन बनाना, जो सभी सूक्ष्म जीव-मध्यस्थ प्रक्रियाएं हैं, को भी जैव प्रौद्योगिकी का एक रूप माना जा सकता है।

राष्ट्रीय मेडिकल आयोग (National medical commission: NMC)

NMC की स्थापना राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग अधिनियम (NMC अधिनियम) 2019 के अंतर्गत की गई है जिसके द्वारा भारतीय आयुर्विज्ञान अधिनियम 1956 को निरस्त कर दिया गया है

सिविल सर्विसेज़ बोर्ड (Civil Services Board : CSB)

उच्चतम न्यायालय ने ‘टी. एस. आर. सुब्रमण्यम और अन्य बनाम भारत संघवाद’ में एक महत्वपूर्ण फैसला देते हुए राज्य सरकारों तथा को यह आदेश दिया कि वे एक सिविल सर्विसेज बोर्ड (Civil Services Board : CSB) का गठन करें। ताकि नौकरशाहों के स्थानांतरण (Transfer), पदोन्नति की प्रक्रम (Promotion Process), पदस्थापन (Posting), सजा (punishment), पुरस्कार (reward), जांच व अनुशासनात्मक कार्यवाही (Disciplinary Action) जैसे विषयों का बेहतर ढंग से प्रबंधन किया जा सके। इस प्रकार इससे सरकारी कार्यों में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही निश्चित हो सकेगी।

प्राचीन भारतीय वैज्ञानिक

सुश्रुत जी प्राचीन भारत के प्रसिद्ध सर्जन वैद्य थे । उन्होनें प्लास्टिक सर्जरी की प्रौद्योगिकी की विधि संसार को दी । सुश्रुत को सर्जरी का पिता कहा जाता है । सुश्रुत संहिता उनकी प्रसिद्ध पुस्तक है जो आज आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में विभिन्न सर्जन के यन्त्र प्रयोग किये जाते हैं , उनमें से 124 प्रकार के यन्त्र सुश्रुत जी ने ही विकसित किये थे

एनआरआई-ओसीआई-पीआईओ मे अंतर

ये भारतीय नागरिक ही हैं जो साधारण: भारत के बाहर निवास करता है और जिसके पास भारतीय पासपोर्ट है।

संविधान का बुनियादी ढांचा (सिद्धांत)

भारतीय संविधान की मूल संरचना (या सिद्धांत), केवल संवैधानिक संशोधनों पर लागू होती है जो यह बताती है कि संसद, भारतीय संविधानके बुनियादी ढांचे को नष्ट या बदल नहीं सकती है।
संविधान की मूल संरचना (सिद्धांत) के सम्बन्ध में उच्चतम न्यायालय के कई महत्वपूर्ण निर्णय हैं।
संविधान की आधारभूत संरचना का तात्पर्य संविधान में निहित उन प्रावधानों से है, जो संविधान और भारतीय राजनीतिक और लोकतांत्रिक आदर्शों को प्रस्तुत करता है। संविधान के 24वें संशोधन पर विचार करते समय न्यायालय ने निर्णय दिया कि विधायिका अनु. 368 के तहत संविधान की मूल संरचना को नहीं बदल सकती।
संविधान, संसद और राज्य विधान मंडलों या विधानसभाओं को उनके संबंधित क्षेत्राधिकार के भीतर कानून बनाने का अधिकार देता है।

IAS PT Solved 2020-GS-1, India & World Geography

Which of the following Protected Areas are located in Cauvery basin?

IAS PT Solved 2020-  Ancient History

IAS Pt solved 2020 -Ancient History

निजी डेटा  प्रोटेक्शन बिल 2021- (360’Analysis)

डेटा सुरक्षा शब्द का अर्थ है संग्रहीत डेटा के उपयोग और उपयोग पर कानूनी नियंत्रण। दूसरे शब्दों में, यह किसी की गोपनीयता में घुसपैठ को कम करने के लिए निरंतर और दोहराव वाली प्रक्रियाओं, ध्वनि नीतियों और गोपनीयता कानूनों की एक श्रृंखला को संदर्भित करता है।

Political Science: Glossary

Anarchy – Absence of government, emphasized by realism in explaining the nonexistence of any overarching governing power in international politics Anomic group – An interest group with minimal organization Apolitical … Read More

नीतिशास्त्र का इतिहास

अधिकतर लेखक और विचारक इस बात से भी सहमत हैं कि आचारशास्त्र का संबंध मुख्यत: मानंदडों और मूल्यों से है, न कि वस्तुस्थितियों के अध्ययन या खोज से और इन मानदंडों का प्रयोग न केवल व्यक्तिगत जीवन के विश्लेषण में किया जाना चाहिए वरन् सामाजिक जीवन के विश्लेषण में भी।

पुतिन विरोधी नवलनी को ईयू सम्मान

एलेक्सेई लवलनी को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का धुर आलोचक माना जाता है। सरकार विरोधी प्रदर्शन के लिए उन्हें कई बार सम्मानित किया जा चुका है। 2020 में उन्हें जहर दिया गया था, लेकिन वे बच गए। आरोप है की सरकारी अधिकारियों ने ऐसा किया, जबकि वे इसे नकारते आए हैं।

Nobel Prize 2021

The Nobel Prize was set up when businessman Alfred Nobel died and left the majority of his fortune to the establishment of prizes in physics, chemistry, physiology or medicine, literature and peace.His will stated that the prizes should be awarded to those who shall have conferred the greatest benefit to humankind.

अक्षय ऊर्जा दिवस : 20 अगस्त

अक्षय ऊर्जा दिवस (नवीकरणीय ऊर्जा दिवस) हर साल 20 अगस्त को भारत में अक्षय ऊर्जा के विकास और अपनाने के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। अक्षय … Read More

भारत में 4 नई रामसर साइटें

भारत से चार और आर्द्रभूमि को रामसर स्थलों की सूची में जोड़ा गया है, जिससे इसे ‘अंतर्राष्ट्रीय महत्व वाली आर्द्रभूमि’ (Wetland of International Importance) का दर्जा मिला है। इसके साथ, भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या 46 तक पहुंच गई है।

एक राष्ट्र एक चुनाव

एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का विचार बहुत अच्छा विचार है। व्यापक जनहित में यह बहुत उपयोगी होगा। हालांकि, कुछ संवैधानिक बाधाएं हो सकती हैं।
किसी विशेष दिन सभी चुनाव कराने के लिए, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की शर्तों को इस तरह से संकलित किया जाना चाहिए कि चुनाव एक निश्चित समय के भीतर हो सकें। इसके लिए संवैधानिक संशोधनों की जरूरत होगी।

इकोटोन – परिभाषा, विशेषताएं और महत्व

इकोटोन एक ऐसा क्षेत्र है जो दो पारिस्थितिक तंत्रों के बीच एक सीमा या संक्रमण के रूप में कार्य करता है। एक सामान्य उदाहरण एक नदी और उसके नदी तट … Read More

अक्षम वाहनों के लिए स्क्रैप पॉलिसी शुरू

इस नई स्क्रैप पॉलिसी के तहत 15 और 20 साल पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप (कबाड़) कर दिया जाएगा। निजी गाड़ी जहां 20 साल बाद कबाड़ घोषित हो सकेगी वहीं कमर्शियल गाड़ी के लिए यह समय सीमा 15 साल है।

2021 ओलंपिक में भारत

भारत ने टोक्यो, जापान में 2020 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में भाग लिया। COVID-19 महामारी के कारण खेलों को 23 जुलाई से 8 अगस्त 2021 तक के लिए स्थगित कर दिया गया था (मूल रूप से यह 24 जुलाई से 9 अगस्त 2020 तक होने वाला था)। भारत 1920 के बाद से ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के हर संस्करण में दिखाई दिया है। हालांकि भारत ने पेरिस में 1900 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में अपनी आधिकारिक शुरुआत की। भारत ने 2020 खेलों के लिए 126 प्रतियोगियों की अपनी अब तक की सबसे बड़ी टुकड़ी भेजी। आज तक, 2020 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक 1920 में अपनी पहली नियमित ओलंपिक उपस्थिति के बाद से भारत के लिए सबसे सफल खेल हैं। इसमें भारतीय ओलंपियन ने 7 पदक (1 स्वर्ण, 2 रजत और 4 कांस्य) जीते हैं। भारतीय दल ने रिकॉर्ड 69 प्रतियोगिताओं में भाग लिया और 18

ई-रुपया डिजिटल भुगतान (e-Rupi Digital Payment)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और इसके तहत होने वाले लेन-देन को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से पिछले सात वर्षों में कई क्रांतिकारी व युगान्तकारी कदम उठा चुके हैं। “ई-रुपया” डिजिटल पेमेंट सिस्टम उनमें से एक और बिल्कुल नया है। इसके लिए लोगों को इंटरनेट बैंकिंग या कार्ड आदि की जरूरत नहीं होगी। पीएम मोदी ने इसे लोगों तक सरकारी सेवाओं का फायदा पहुंचने के लिए लॉन्च किया है। यह देश की अपनी डिजिटल करेंसी के रूप में भारत का पहला कदम है। ई-रुपया की लांचिंग से देश में डिजिटल पेमेंट्स में डिटिजल करेंसी को लेकर कितनी क्षमता है, इसका आकलन किया जा सकेगा।

भारत में महिला आरक्षण का मुद्दा और इसके विभिन्न आयाम

भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां संसद और विधान सभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व न के बराबर है ।  आम तौर पर हर समाज में महिलाओं की संख्या आबादी का आधा होती है । भले ही पिछले सालों में भारत में यह अनुपात गिरता गया हो,  अभी  भी उनकी संख्या 45 प्रतिशत से हर हाल में ज्यादा है ।  वहीं भारतीय संसद में महिलाओं का हिस्सा सिर्फ 11.4 प्रतिशत है ।

समान नागरिक सहिंता ( Uniform Civil Code )

देश के प्रमुख धार्मिक समुदायों के ग्रंथों, रीति-रिवाज़ो और मान्यताओं के आधार पर बनाए गए व्यक्तिगत कानूनों के स्थान पर भारत के सभी नागरिकों के लिये एक समान संहिता बनाने को ही यूनिफार्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता कहते हैं। यूनियन सिविल कोड का अर्थ एक निष्पक्ष कानून है, जिसका किसी धर्म से कोई ताल्लुक नहीं है।

औघोगिक क्रांति 4.0 (Industrial Revolution 4.0 )

“औद्योगिक क्रांति” शब्द से अभिप्राय 17वीं से 20वीं सदी के बीच फैले विनिर्माण और प्रौद्योगिकी की दुनिया में प्रमुख विकास से है। हम जिस समय में जी रहे हैं उसमें और अधिक क्रांतियां देखी जा सकती हैं? 21वीं सदी की शुरुआत में तीसरी औद्योगिक क्रांति या उद्योग 3.0 देखी गई जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी, इंटरनेट, नवीकरणीय ऊर्जा के साथ-साथ मोबाइल और अन्य जुड़े उपकरणों का आगमन और उदय हुआ। इस चरण में उल्लेखनीय नवाचार हुए और आधुनिक विश्व के कार्य करने के तरीके में परिवर्तन आया।

भारतीय अर्थव्यस्था 2021 ( मुख्य परीक्षा आईएएस-पीसीएस हेतु )

कोविड -19 महामारी से जुड़े नैतिक मुद्दे (Covid-19 pandemic and ethical issues/concerns)

कोरोना वायरस की महामारी के कारण वैश्विक स्वास्थ्य संकट गहराता जा रहा है और अनेक लोगों के लिए लॉकडाउन नया ‘नियम’ बन गया है और अब यह धारणा तेजी से बन रही है कि आने वाले समय में जब तक कोरोना वायरस खत्म होगा तब तक दुनिया की सूरत हमेशा-हमेशा के लिए बदल जाएगी।

अन्तर्राष्ट्रीय संबंधों पर कोविड महामारी का प्रभाव (Impact of COVID Pandemic on International relations )

लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स के इंस्टिट्यूट ऑफ़ ग्लोबल अफ़ेयर्स की सोफिया गैस्टन ने बीबीसी से कहा था की, “इस महामारी के वक़्त तमाम देशों से ये उम्मीद थी कि वो इसे साझा चुनौती मान कर आपस में सहयोग करेंगे, ताकि इस संकट का मुक़ाबला कर सकें। पर, हो ये रहा है कि तमाम देश अपने निजी हितों को तरज़ीह दे रहे हैं और सहयोग के बजाय एक दूसरे से होड़ में लग गए हैं। ” इस वक्तव्य में काफी हद तक सच्चाई है।

ड्राफ्ट मानव तस्करी निरोधक बिल -2021

महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय (MINISTRY OF WOMEN & CHILD DEVELOPMENT) ने व्यक्तियों की तस्करी (रोकथाम, देखभाल और पुनर्वास) विधेयक, 2021 के लिए सुझाव और टिप्पणियां आमंत्रित कीं हैं। विधेयक (जिसे अब संसद में पेश किए जाने से पहले अनुमोदन के लिए कैबिनेट को भेजा जाएगा) में कहा गया है कि अवैध व्यापार के अपराधों की प्रकृति (nature of offenses) के साथ-साथ इन अपराधों के पीड़ितों की प्रकृति (victims of these offenses) के दायरे में वृद्धि हुई है, इसलिये आजीवन कारावास सहित कठोर दंड के साथ, और यहां तक ​​कि चरम प्रकृति (Extreme Nature) के मामलों में मृत्युदंड का सुझाव दिया गया है।

छोटे राज्यों के पक्ष-विपक्ष में तर्क, क्या बड़े राज्यों का विभाजन उचित है?

क्या छोटे राज्य बड़े राज्यों से बेहतर हैं? यह कभी न खत्म होने वाली बहस है। सत्ताधारी सरकार राज्य के गठन पर क्या निर्णय लेती है? राज्यों के विलय या विभाजन के कुछ फायदे और नुकसान क्या हैं? इस मामले में कौन से कारक योगदान करते हैं? इस बारे में सोचने से पहले हमें थोड़ा पीछे जाना चाहिए और भारतीय राज्यों के इतिहास, राजनीति और उनके गठन के बारे में जानना चाहिए।

किन आधारों पर चुनाव परिणाम को न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है?

क्या है मामला?• पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्र के विधानसभा चुनाव परिणाम को कलकत्ता उच्च न्यायालय में चुनौती देते हुए में एक चुनावी याचिका दायर … Read More

Current affairs Weekly (07-13 June 2021)

National Center releases guidelines for development of e-content for children with disabilities To fulfil the goal of inclusive education, the Centre has released the new guidelines for the development of … Read More

यूडीआईडी (UDID) परियोजना की शुरुआत (डेली करंट अफेयर्स -10.06.2021)

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने को-विन 2.0 पर पंजीकरण करते समय विशिष्ट विकलांगता पहचान (Unique Disability Identification: UDID) कार्ड को फोटो आईडी के रूप में शामिल करने के लिए राज्यों/संघ राज्य … Read More

Current Affairs Weekly (31 May-06 June 2021 )

National NITI Aayog Sustainable Development Index The third edition of the Sustainable Development Goals (SDG) India Index and Dashboard 2020–21 has been released by NITI Aayog.Kerala again got the first … Read More

वैक्सीन मैत्री की कूटनीति : भारत (वैक्सीन डिप्लोमेसी ऑफ़ इंडिया)

कोरोना महामारी के काल में “वैक्सीन कूटनीति” एक चर्चित शब्द के रूप में उभरा है। वास्तव में विश्व स्तर पर कई वैक्सीन बनाये गए हैं क्योंकि संक्रमण को रोकने का … Read More

विश्व व्यापार संगठन-ई-कॉमर्स और भारत

विश्व व्यापार संगठन-ई-कॉमर्स  और भारत विवाद? कई देशों ने इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स के व्यापार संबंधी पहलुओं पर विश्व व्यापार संगठन वार्ता शुरू करने का इरादा व्यक्त किया है। विकसित देश ई-कॉमर्स … Read More

क्या है ग्लोबल मिनिमम कॉर्पोरेट टैक्स?

विश्व की समृद्ध अर्थव्यवस्थाओं के समूह जी-7 ने जून 2021 के प्रथम सप्ताह में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया।  सात देशों के इस समूह के वित्त मंत्रियों की बैठक में  सैद्धांतिक रूप से वैश्विक न्यूनतम कॉर्पोरेट कर दर यानी ग्लोबल मिनिमम कॉर्पोरेट टैक्स (global minimum corporate tax rate) की पुष्टि करने के लिए सहमत हुए।

कोर्बेवैक्स (Corbevax) वैक्सीन: भारत में दूर करेगी कोविड टीकों की कमी

भारत सरकार ने हैदराबाद स्थित कंपनी बायोलॉजिकल ई (Biological E) से कोविड-19 की एक नई वैक्सीन, ‘कोर्बेवैक्स’ (Corbevax) की 300 मिलियन खुराक खरीदने के लिए अग्रिम आदेश दिया है।
कोर्बेवैक्स एक ‘रिकॉम्बिनैंट प्रोटीन सब-यूनिट’ (recombinant protein sub-unit) वैक्सीन है। इसका मतलब यह है कि इस टीका का निर्माण सार्स-सीओवी-2 (SARS-CoV-2) वायरस के सतह पर मौजूद स्पाइक प्रोटीन (spike protein) से किया गया है।

Indian Polity PT Solved (IAS & PCS) 2nd Edition

मोदी युग मे भारत की विदेश नीति

प्रधान मंत्री मोदी के काल में भारत की विदेश नीति अंतरराष्ट्रीय राजनीति में राष्ट्र इकाई होते हैं और राष्ट्र प्रमुख अपने देश के प्रतिनिधि। ऐसे में देश का प्रतिनिधित्व करने … Read More

Gig Economy

Gig employees take short-term contracts and will be paid for that. Examples – Food delivery boy, Uber / Ola cab driver, musician, photographer, construction worker, on-demand worker etc. There are many apps and websites (Ex-Fiverr, Upwork) for skilled workforce to take gigs, such as software developers, doctors, etc. Such freelance work market is called gig economy.

सांविधानिक विकास ( Constitutional Development )

संविधान के विकास के महत्वपूर्ण चरण इस प्रकार हैं 1773 का विनियमन ( Regulating Act of 1773 ) 1784 का पिट्स इण्डिया अधिनियम ( Pitts India Act – 1784 ) … Read More

 19वीं शताब्दी में धार्मिक तथा समाज सुधार आंदोलन

आधुनिक शिक्षा तथा पाश्चात्य देशों के सम्पर्क से आधुनिक शिक्षा प्राप्त लोगों में सामाजित चेतना जागी । उन्होंने अनुभव किया कि रूढ़िवादिता व अन्धविश्वासों के कारण ही भारतीय समाज पिछड़ा हुआ है । इस जागृति के फलस्वरूप भारत में पुनर्जागरण की लहर चल पड़ी और समाज सुधार हेतु अनेक संगठनों ने आंदोलन चलाये ।

 18 वीं शताब्दी में हुए जन – आन्दोलन

संन्यासी विद्रोह में भाग लेने वाले संन्यासी ‘ शंकराचार्य ‘ के अनुयायी थे ।

बंकिम चन्द्र चटर्जी ने अपने उपन्यास आनन्द मठ में संपासी विद्रोह के बारे में वर्णन किया ।

1858 के बाद ब्रिटिश शासन के विरूद्ध कृषक प्रतिरोध में एक खास परिवर्तन आया । अब किसानों ने अपनी माँगों के लिए सीधे – सीधे सरकार से लड़ाई प्रारम्भ की ।

18 वीं – 19 वीं शताब्दी में होने वाले विद्रोहों की एक खास बात यह थी कि वे सभी स्थानीय विद्रोह थे , जो स्थानीय समस्याओं से उपजे थे ।

Seven Sister states- Importrant Facts

Difference between national park -sancturay

जी -20 देश-एन ओवेरलूक

G-20 infographics

महासागरीय धाराये

महासागरीय धाराये एक इन्फोग्राफिक्स

Indian Scientist

Birbal Sahni was a renowned paleobotanist of India, who studied the fossils of
the Indian subcontinent. Also a great geologist, Sahni is credited for establishing the Birbal Sahni Institute of Palaeobotany at Lucknow in the state of Uttar Pradesh.

भारतीय वैज्ञानिक (लिस्ट व्यू )

मिसाइल वुमेन (Missile Women) के नामसे किस भारतीय महिला वैज्ञानिक को पहचाना जाता है? (Missile Women of India) : टेस्सी थॉमस को।

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